दिल्ली में फर्जी वीज़ा-पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़, 4 अफ्रीकी नागरिक गिरफ्तार

दक्षिणी ज़िला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार अफ्रीकी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी वीज़ा और पासपोर्ट तैयार कर विदेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से ठहरने में मदद कर रहा था। पुलिस ने इनके कब्जे से लैपटॉप, कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक और नकली यात्रा दस्तावेज़ समेत ₹17,000 नकद बरामद किए हैं।

गिरफ्तारी की शुरुआत 10 सितंबर को हुई थी, जब छतरपुर से दो अफ्रीकी नागरिकों — बेंजामिन इजुचुक्वु और कूलीबाली मरियम — को 355 ग्राम कोकीन के साथ पकड़ा गया। दस्तावेज़ों की जांच में इनके वीज़ा नकली पाए गए। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि नकली वीज़ा बुराड़ी-संत नगर इलाके से संचालित एक रैकेट द्वारा बनाए जा रहे थे। इसके बाद तकनीकी निगरानी और छापेमारी में न्वाचुक्वु बेंजामिन, इमैनुएल इफेनीयिचुक्वु, पॉल ओलिसामेका और प्रेशियस ओसासेरे को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी न्वाचुक्वु बेंजामिन 2017 में अवैध रास्ते से भारत आया था और उसने यहां फर्जी वीज़ा तैयार करने का काम शुरू कर दिया। वह पासपोर्ट स्कैन कर डिजिटल तरीके से वीज़ा पन्ने बनाता और उन्हें पासपोर्ट में चिपका देता था। बदले में वह ₹2,000 से ₹3,000 तक वसूलता था। इसके साथ ही वह ऑनलाइन फ्रॉड भी करता था। यूरोपीय नागरिकों के नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर भारतीय लोगों से ठगी करता और पैसों को अलग-अलग खातों में घुमाकर निकाल लेता।

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच जारी है। जांच का मकसद नकली दस्तावेज़ों के असली सप्लायर और उन ड्रग तस्करों तक पहुंचना है जो इन फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल भारत में अवैध गतिविधियों के लिए कर रहे हैं।

दक्षिणी ज़िला पुलिस ने बीते 15 दिनों में नशाखोरी और फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। इस दौरान 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और 73 किलो से अधिक गांजा, कोकीन और एक ऑटो रिक्शा बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े इस नेटवर्क की परतें खोली जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *